नई दिल्ली में ब्रिक्स के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एन.एस.ए) की बैठक चल रही है। दो दिन की इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं। इस बैठक में समूह के 11 सदस्य देशों के सुरक्षा प्रमुख भागीदारी कर रहे हैं। इन देशों में भारत, ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात – यूएई शामिल हैं। बैठक का मुख्य विषय आज दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां है।
इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों के तेज़ी से बदलते स्वरूप और उभरते सुरक्षा जोखिमों में नई तकनीकों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। प्रतिनिधि साइबर सुरक्षा, डिजिटल कमज़ोरियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – एआई से जुड़े खतरों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख, आतंकवाद-रोधी और सूचना और संचार तकनीकों के इस्तेमाल में सुरक्षा पर हाल ही में हुई ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूहों की बैठकों के नतीजों की समीक्षा करेंगे।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत 2026 में चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में इस समूह का नेतृत्व कर चुका है। भारत की अध्यक्षता लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण विषय के तहत हो रही है। यह 2025 के रियो शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा व्यक्त किए गए जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है। समूह का एजेंडा अपने शुरुआती आर्थिक फोकस से काफी आगे बढ़कर अब तीन मुख्य स्तंभों राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग, आर्थिक और वित्तीय साझेदारी, और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को शामिल करता है।