मवाना (मेरठ)। मवाना खुर्द पुलिस चौकी प्रभारी पर एक महिला ने घर में घुसकर अभद्रता, मारपीट और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से आक्रोशित पीड़िता सोमवार को तीसरी बार क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय पहुंची और न्याय के लिए गुहार लगाई।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता आरती ने अपनी शिकायत में बताया कि 4 मई 2026 को दोपहर करीब 1:00 बजे मवाना खुर्द चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ उसके घर पहुंचे। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मी बिना किसी महिला कांस्टेबल के जबरन घर में घुस गए, जिसमें एक सिपाही छत के रास्ते भी अंदर आया।
पीड़िता के आरोप:
शारीरिक उत्पीड़न: चौकी प्रभारी द्वारा हाथ पकड़कर धक्का देने, थप्पड़ और लात-घूंसे मारने का आरोप। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उसके कपड़े फाड़े गए।
फर्जी धमकी: विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को फर्जी मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई।
जबरन चौकी ले जाना: पीड़िता का कहना है कि उसे जबरन चौकी ले जाकर भी प्रताड़ित किया गया। वह वहां अपने लापता पति के बारे में जानकारी मांगने गई थी, लेकिन पुलिस ने उसकी फरियाद सुनने के बजाय कथित तौर पर उसके साथ अभद्रता की।
हस्तक्षेप: पीड़िता की बहन के मौके पर पहुंचने के बाद ही पुलिस की कथित बर्बरता रुकी।
न्याय की आस में तीसरी बार सीओ कार्यालय पहुंची पीड़िता
पीड़िता का कहना है कि वह पूर्व में भी कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को फिर से सीओ कार्यालय पहुंचकर उसने आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने, विभागीय जांच बिठाने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
अधिकारी का पक्ष
सीओ पंकज लवानिया ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा, "महिला की शिकायत प्राप्त हो गई है। मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।"