हस्तिनापुर (मेरठ)। थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने वनकर्मियों के साथ मारपीट कर सरकारी कार्रवाई में बाधा डाली, ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन छुड़ा लिया और वनकर्मियों के मोबाइल फोन से घटना से जुड़े वीडियो व अन्य डिजिटल साक्ष्य भी डिलीट करा दिए। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 30 जून को वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन दरोगा ऋषभ सिंह, अंकित यादव तथा वनरक्षक नितिन त्यागी की तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान टीम ने ट्रैक्टर चालक सचिन पुत्र भोला, निवासी जलालपुर जोरा, को अवैध खनन करते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। हालांकि, उसके अन्य साथी मौके से फरार हो गए।
वन विभाग की टीम जब जब्त किए गए ट्रैक्टर-ट्रॉली और पकड़े गए आरोपी को रेंज कार्यालय लेकर जा रही थी, तभी रास्ते में जलालपुर जोरा निवासी अजीत, कृष तथा दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर सरकारी वाहन को रोक लिया। आरोप है कि सभी ने वन विभाग की टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में वनरक्षक नितिन त्यागी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चोटों की पुष्टि चिकित्सीय परीक्षण (एमएलसी) में भी हुई है।
हमले के बाद आरोपियों ने वन विभाग की हिरासत से ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन छुड़ा लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने वनकर्मियों को जान से मारने की धमकी दी और डराकर उनके मोबाइल फोन में मौजूद घटना से संबंधित वीडियो तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी जबरन डिलीट करा दिया, जिससे सरकारी कार्रवाई प्रभावित हुई।
घटना के बाद वन विभाग की ओर से थाना हस्तिनापुर में आरोपियों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, धमकी देने तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
थाना प्रभारी लालाराम शर्मा ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और नामजद व अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले में वन विभाग की क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।