मेरठ, मवाना तहसील मवाना में आयोजित 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली की परख की गई। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता देखने को मिली, जहाँ कुल 150 प्राप्त शिकायतों में से 14 मामलों का मौके पर ही (On-the-Spot) त्वरित निस्तारण कर दिया गया।
क्या रहा समाधान दिवस का मुख्य आकर्षण?
समाधान दिवस का उद्देश्य आवेदकों को एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मिलवाना और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करना होता है।
तत्काल निस्तारण (On-the-Spot Disposal): जिलाधिकारी की उपस्थिति में पुलिस, राजस्व और समाज कल्याण विभाग से जुड़ी 14 शिकायतों को चिन्हित कर संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आदेश दिए गए, जिससे फरियादियों को राहत मिली।
शेष मामलों की समयबद्धता: बाकी बची 136 शिकायतों के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को 'टाइम-बाउंड' (समयबद्ध) निस्तारण के कड़े निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन शिकायतों का निस्तारण केवल फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर गुणवत्ता के साथ दिखना चाहिए।
निगरानी: जिलाधिकारी ने इन शेष शिकायतों की प्रगति रिपोर्ट को निरंतर मॉनिटर करने के निर्देश दिए हैं ताकि शिकायतकर्ता को बार-बार तहसील के चक्कर न काटने पड़ें।
कांवड़ मार्ग का निरीक्षण: सुरक्षा और सुविधा पर जोर
समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी ने मवाना-किठौर कांवड़ मार्ग का दौरा कर वहां चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
मार्ग पर सुरक्षा और प्रकाश की पुख्ता व्यवस्था हो।
विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर को सुरक्षित कवर किया जाए।
कांवड़ियों के लिए सड़क मरम्मत और स्वच्छता का काम युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए।
इस दौरान सीडीओ नूपुर गोयल सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने समाधान दिवस के दौरान प्राप्त प्रार्थना पत्रों का पंजीकरण कर उनके निस्तारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।