हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की शाहाबाद तहसील एक गंभीर विवाद की चपेट में है। यहाँ तैनात एक महिला लेखपाल ने एसडीएम (SDM) सुशील मिश्रा पर अपने चैंबर में बुलाकर अश्लील हरकतें करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस मामले में लेखपाल ने हरदोई पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
पीड़ित लेखपाल का आरोप है कि 23 जून को ट्रांसफर होकर आने के बाद उन्हें कार्यालय में अटैच किया गया था। लेखपाल के अनुसार, सोमवार को एसडीएम ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाया। आरोप है कि चैंबर में अकेले पाकर एसडीएम ने पहले उनकी जाति पूछी, फिर उन्हें व्यक्तिगत काम करने का दबाव बनाया। जब लेखपाल ने इसका विरोध किया और अपनी आँखों की समस्या का हवाला देते हुए फील्ड वर्क की मांग की, तो एसडीएम ने उन्हें सस्पेंड करने और एफआईआर दर्ज करवाने की धमकी दी।
पिता के साथ भी की बदसलूकी
लेखपाल ने घबराकर अपने पिता को मौके पर बुलाया। पिता का आरोप है कि जब वे कुछ वकीलों के साथ एसडीएम के चैंबर में पहुँचे, तो एसडीएम ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया। लेखपाल के पिता, जो स्वयं हृदय रोगी हैं, ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। पिता ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, "बेटी की मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि वह अब आत्महत्या जैसे कदम उठाने की बात कर रही है।"
SDM ने आरोपों को बताया 'निराधार'
दूसरी ओर, एसडीएम सुशील मिश्रा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एसडीएम का कहना है कि महिला लेखपाल को काम में लापरवाही और लंबित फीडिंग के संबंध में स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा, "आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। महिला लेखपाल मनचाही पोस्टिंग चाहती हैं, जिसके लिए वे दबाव बना रही हैं। उस समय चैंबर में अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे, जो सच्चाई की पुष्टि कर सकते हैं।"
जांच में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कोतवाल अरविंद राय ने बताया कि महिला लेखपाल द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
विवादों से पुराना नाता?
एसडीएम सुशील मिश्रा पहले भी चर्चाओं में रहे हैं। इसी साल 8 जून को शाहाबाद के परियल गांव में निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि के साथ हुए विवाद में उन पर पथराव का आरोप लगा था, जिसमें वह घायल भी हो गए थे। इस संवेदनशील मामले में पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।