उत्तर प्रदेश के मेरठ थाना रोहटा क्षेत्र की निवासी 20 वर्षीय छात्रा ललिता गौतम के अपहरण और निर्मम हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का आक्रोश एक बार फिर उग्र हो गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और विभिन्न समाज के लोग कमिश्नरी पार्क पर एकत्र हुए और आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

क्या है पूरा मामला?
बीती 15 मई को ललिता गौतम का अपहरण कर लिया गया था। बाद में उसकी हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शव पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जलाने का प्रयास किया गया था। छात्रा का अधजला शव उकसिया के जंगल से बरामद हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी।

प्रदर्शन और पुलिस के बीच टकराव
प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर कमिश्नरी चौराहे पर धरने पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इसके बाद भीड़ कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंच गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस इस जघन्य हत्याकांड में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है। उनका दावा है कि मामले के कई आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को धमकियां दी जा रही हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसपी देहात और एसपी ट्रैफिक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बातचीत विफल रहने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने इस दौरान 5 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

प्रशासन का पक्ष
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा:
"मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य संदिग्धों और सह-आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई जारी है। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।"
एसएसपी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व महापंचायत की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें चिन्हित कर उनके रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

परिवार का संकल्प
दूसरी ओर, पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक सभी आरोपी सलाखों के पीछे नहीं होते। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग पर जोर दिया है। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात है।