मवाना (मेरठ): पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने मवाना नगर पालिका के दावों की हवा निकाल दी है। मानसून की पहली ही बारिश ने नगर को 'टापू' में तब्दील कर दिया है। नगर पालिका द्वारा नाला सफाई के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये पानी में बहते नजर आ रहे हैं।
सड़कों पर दरिया, घरों में घुसा पानी
नगर के प्रमुख क्षेत्रों, जिनमें तहसील रोड, मोहल्ला कल्याण सिंह, तिहाई मोहल्ला, और हस्तिनापुर रोड (कामिल पेट्रोल पंप के पास) शामिल हैं, का हाल सबसे बुरा है। सड़कों पर जलभराव इतना अधिक है कि राहगीरों के वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो रहे हैं। घुटनों तक भरे पानी के कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि गलियों में बच्चे पानी में तैरते देखे जा रहे हैं।
लोगों के घरों के अंदर तक पानी घुस चुका है। नगरवासी पूरी रात सो नहीं सके और अपने घरों से पानी बाहर निकालने के जद्दोजहद में जुटे रहे।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सफाई योजनाएं
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शासन द्वारा नाला सफाई के लिए हर वर्ष लाखों-करोड़ों रुपये का बजट जारी किया जाता है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी रहती है। नगर पालिका प्रशासन हर साल सफाई का दावा तो करता है, लेकिन वह काम केवल कागजों तक ही सीमित रह जाता है। नालों की समय पर सफाई न होने के कारण आज मवाना के नाले पूरी तरह चोक हो चुके हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
बारिश के शुरुआती दौर में ही नगर पालिका की व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हुई है। नगर के चारों ओर जलजमाव और बंद नालों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी इस जलभराव से नगर वासियों को कब तक राहत दिला पाएंगे?