मिलक (रामपुर)। बेरोजगार युवाओं के सपनों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले दो शातिर आखिरकार थाना मिलक पुलिस और साइबर सेल के हत्थे चढ़ गए। नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से रुपये ऐंठने वाले इस गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए 7 मोबाइल फोन, 9 एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड और अन्य अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी जॉब वेबसाइटों पर नौकरी का लालच देकर बेरोजगार युवाओं से संपर्क करते थे। पहले उनका सीवी मंगवाया जाता, फिर फोन पर इंटरव्यू लिया जाता और दस्तावेज सत्यापन के नाम पर रुपये जमा कराए जाते। रकम खाते में पहुंचते ही नौकरी का सपना टूट जाता और पीड़ित साइबर ठगी का शिकार बन जाता। मामले में समन्वय पोर्टल पर कई शिकायतें पहले से दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास गंगवार निवासी ग्राम गुलड़िया तथा राजीव निवासी ग्राम बीसलपुर, थाना शीशगढ़ बरेली के रूप में हुई है। दोनों को ग्राम खुटिया के पास से गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक मनीराम सिंह के नेतृत्व में थाना मिलक पुलिस और साइबर सेल की टीम ने सटीक सूचना पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क और कई अन्य साथियों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।