मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग और उसके दुष्प्रभावों को देखते हुए राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) ने मोबाइल की लत और उससे होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विशेष शोध शुरू किया है। इस अध्ययन का उद्देश्य मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से प्रभावित लोगों की जीवनशैली, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन कर प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार पद्धति विकसित करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ-साथ मानसिक तनाव, नींद की समस्या, एकाग्रता में कमी और समग्र स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इन बढ़ती समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एनआईए ने चयनित प्रतिभागियों पर छह माह का शोध प्रारंभ किया है।
शोध के लिए ऐसे लोगों का चयन किया गया है जो मोबाइल की लत या उसके दुष्प्रभावों से प्रभावित हैं। अध्ययन के दौरान उनकी दैनिक दिनचर्या, मोबाइल उपयोग की आदतों और स्वास्थ्य संबंधी बदलावों की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि वैज्ञानिक तरीके से निष्कर्ष तैयार किए जा सकें।
एनआईए के रोग निदान विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि उनके मार्गदर्शन में डॉ. नितिषा और उनकी टीम इस शोध पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शोध के निष्कर्ष सामने आने के बाद मोबाइल की लत से प्रभावित लोगों के लिए प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार एवं जीवनशैली आधारित समाधान विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।