स्टेज-3 कैंसर को मात देकर गुनिका शर्मा बनीं राष्ट्रीय चैंपियन, अब एशिया में करेंगी भारत का नाम रोशन

हापुड़। नगर के कमला अग्रवाल गर्ल्स स्कूल की प्रिंसिपल पारूल शर्मा की भतीजी गुनिका ने ब्रेन ट्यूमर और स्टेज-3 कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात देकर ताइक्वांडो में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम ऊंचा किया है।

महाराष्ट्र के पुणे स्थित श्री शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुई राष्ट्रीय पैरा ताइक्वांडो चैंपियनशिप मे इंदौर की गुनिका शर्मा ने स्वर्ण पदक जीता।
राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर गुनिका का चयन वर्ल्ड पैरा ताइक्वांडो चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है।

कमला अग्रवाल गर्ल्स स्कूल की प्रिंसिपल पारूल शर्मा ने बताया कि गुनिका महज 3 साल की उम्र में 'मेड्यूलोब्लास्टोमा' यानी ब्रेन ट्यूमर से जूझी थीं। 2009 का वो दौर बेहद मुश्किल था, जब डॉक्टरों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी। ऑपरेशन के बाद गुनिका को 55% शारीरिक अक्षमता और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन गुनिका ने हार नहीं मानी। गुनिका के इस सफर पर परिवार को भी गर्व है।

गुनिका के दादा रामकिशन शर्मा व दादी रिटायर्ड प्रिंसिपल संतोष शर्मा ने बताया कि तीन साल की उम्र में ऑपरेशन के बाद जब उसे जीवन का दूसरा मौका मिला तो लगा जैसे भगवान ने एक और मौका दिया। आज 20 साल की गुनिका जिंदगी से भरपूर है और सीखने का जज्बा उसमें कूट-कूट कर भरा है।