दब न जाए कहीं मजलूम की आवाज़ इस दौर में,
इसीलिए हर दौर में कलम का जिंदा रहना लाज़मी है।
झुकती है हुकूमतें भी जिसके जज्बे के आगे,
वो सच की स्याही से लिखा एक पत्रकार होता है। शोहिद सैफी।
परीक्षितगढ़ कहते हैं कि जब कलम चलाने वाले हाथ एक साथ मिलते हैं, तो सिर्फ़ ख़बरें ही नहीं, बल्कि ख़ामोश बस्तियों में भी हलचल शुरू हो जाती है। लेकिन सोमवार को किठौर के 'किंग्स फार्म हाउस' में न तो कोई तीखी बहस थी और न ही ख़बरों की आपाधापी। मौका था उपज पत्रकार संगठन के तत्वावधान में आयोजित एक बेहद शानदार और दिलकश 'गेट-टुगेदर' का, जहाँ पत्रकारों की एकजुटता और भाईचारे की एक नई इबारत लिखी गई।
इस ख़ास मौक़े पर पत्रकारों की चट्टानी एकता और उनके जज्बे को सलाम करती ये चंद पंक्तियाँ बिल्कुल सटीक बैठती हैं।
अकेली ईंट से तो सिर्फ़ दीवार बनती है,
मिलें जो हाथ, तो फिर एक मीनार बनती है।
हमारी एकजुटता ही हमारी असली ताक़त है,
इसी से वक़्त की हर एक सुर्ख़ी दमदार बनती है।
आम की मिठास और आपसी संवाद।
किठौर पत्रकारों की मेज़बान टीम ने इस महफ़िल को और भी रसीला बना दिया। फार्म हाउस के पेड़ों से टूटे एकदम ताज़ा और रसीले आमों की जब दावत शुरू हुई, तो हर कोई इस स्वाद का मुरीद हो गया। रोज़ाना ख़बरों की दुनिया में व्यस्त रहने वाले पत्रकारों ने आमों का स्वाद लेते हुए न सिर्फ़ आपसी गिले-शिकवे भुलाए, बल्कि सौहार्दपूर्ण वातावरण में दिल खोलकर संवाद किया। सभी उपस्थित पत्रकारों ने इस शानदार मेज़बानी के लिए किठौर टीम का दिल से आभार जताया।
स्विमिंग पूल में मस्ती ।
आमों की मिठास के बाद महफ़िल का रुख हुआ स्विमिंग पूल परिसर की तरफ़। यहाँ पत्रकारों ने मनोरंजक गतिविधियों का जमकर लुत्फ़ उठाया। पानी की लहरों के बीच जहाँ ठहाके गूंज रहे थे, वहीं दूसरी ओर अनौपचारिक रूप से समसामयिक विषयों और पत्रकारिता के बदलते दौर पर भी गंभीर लेकिन आत्मीय चर्चा हुई।
आयोजन का असली मकसद: अटूट एकजुटता
इस गेट-टुगेदर का मुख्य उद्देश्य पत्रकार साथियों के बीच आपसी भाईचारा, सहयोग और समन्वय को एक नई ऊर्जा देना था। रोज़ाना की भागदौड़ से दूर, सुकून के इन पलों ने सभी को यह अहसास कराया कि जब बात पत्रकार हितों और समाज को सही दिशा देने की हो, तो 'उपज' परिवार का हर एक सिपाही कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
सभी ने एक सुर में कहा कि आपसी मेलजोल का यह सिलसिला थमना नहीं चाहिए और भविष्य में भी ऐसे दिलचस्प और एकजुटता बढ़ाने वाले आयोजन लगातार होते रहेंगे। सच ही है, जब कलमकार एक मंच पर आते हैं, तो समाज को एक नया भरोसा मिलता है।
कार्यक्रम में उपज जिलाध्यक्ष अजय चौधरी, शाकाल, जिला उपाध्यक्ष जयवीर त्यागी, ताज मौहम्मद, शोहिद सैफी,गय्यूर अली,खालिद इकबाल, इमामुद्दीन , सुंदर नागर,विपुल सिंगल, धर्मेंद्र, रवि गौतम, संचित अरोड़ा, साजिद फरीदी, अनिल, कुलदीप भारद्वाज, गौरव सैनी, अबसार अली, शाहरुख चौधरी, नीरज गोला सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनोज, शाहिद, मयंक अग्रवाल, जाहिद, अब्दुल आहद, हिलाल सलमान, फैजान का विशेष सहयोग रहा।