संतकबीरनगर। पूर्वांचल के विकास को नई दिशा देने वाली खलीलाबाद–मेहदावल–बहराइच नई रेल लाइन परियोजना का शुभारंभ क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। 240.66 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी रेल परियोजना संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जैसे पांच जिलों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। इससे वर्षों से रेल सुविधा की आस लगाए बैठे लाखों लोगों का सपना साकार होने की उम्मीद जगी है।
करीब 5,223 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना में 32 नए रेलवे स्टेशन प्रस्तावित हैं। संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद, बघौली, बखिरा, मेहदावल, परसई, खेसरहा, बांसी, रामनगर, भगोभर, टिकरिया और डुमरियागंज समेत कई क्षेत्रों को पहली बार सीधा रेल संपर्क मिलेगा। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि ग्रामीण अंचलों को भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
परियोजना के अंतर्गत संतकबीरनगर में 53.60 किमी, सिद्धार्थनगर में 71 किमी, बलरामपुर में 68.30 किमी, श्रावस्ती में 29.80 किमी तथा बहराइच में 17.96 किमी रेल लाइन का निर्माण प्रस्तावित है। भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रारंभिक कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
नई रेल लाइन से कृषि, व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, व्यापार को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी पहले से अधिक सुगम हो जाएगी।
खलीलाबाद–मेहदावल–बहराइच रेल परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि पूर्वांचल के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक प्रगति को नई रफ्तार देने के साथ-साथ विकास की नई पहचान बनेगी।