संतकबीरनगर। विकास के दावों के बीच महुली बाज़ार की एक बदहाल तस्वीर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। नाथनगर–महुली मार्ग से कटकर महुली बाज़ार जाने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर पिछले 13 दिनों से गंदा पानी जमा है। नाली को पाट दिए जाने के कारण जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे घरों और दुकानों का गंदा पानी सड़क पर फैल गया है। अब यह सड़क किसी मार्ग से अधिक एक गंदे तालाब का रूप ले चुकी है।
इस जलभराव का सबसे अधिक खामियाजा स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों, बुजुर्गों, व्यापारियों और रोज़ाना आने-जाने वाले हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। बच्चे मजबूरी में गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल जाने को विवश हैं, जिससे हर पल दुर्घटना और संक्रमण का खतरा बना हुआ है। वहीं बुजुर्गों और महिलाओं के लिए इस रास्ते से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से समस्या जस की तस बनी हुई है, लेकिन अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया। लगातार जलभराव के कारण क्षेत्र में दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। दुकानदारों के कारोबार पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जिससे उनमें भारी नाराज़गी है।
महुली जैसे महत्वपूर्ण बाज़ार की यह स्थिति न केवल स्थानीय व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम जनता की मूलभूत सुविधाओं के प्रति उदासीनता को भी उजागर करती है। यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से अपील
महुली बाज़ार की जनता, व्यापारी वर्ग और क्षेत्रीय ग्रामीणों की ओर से जिला प्रशासन, संबंधित विभाग के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से विनम्र अपील है कि इस गंभीर समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर नाली को पुनः चालू कराया जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बच्चों की सुरक्षा, आमजन की सुविधा और क्षेत्र की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि महुली बाज़ार आने-जाने वाले हजारों लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।
"विकास केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि जनता की बुनियादी समस्याओं के समयबद्ध समाधान से दिखाई देता है। अब महुली की जनता कार्रवाई चाहती है, केवल आश्वासन नहीं।"