संतकबीरनगर। विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं सकारात्मक विद्यालयी वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), संतकबीरनगर के अटल सभागार में गुरुवार को अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय "सुरक्षा एवं संरक्षा प्रशिक्षण" के प्रथम एवं द्वितीय बैच का भव्य शुभारंभ हुआ।
उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य महोदया के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेंद्र सिंह ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यालयों में केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य एवं संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना भी शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रशिक्षण शिक्षकों को आपात परिस्थितियों से निपटने, विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों को अधिक सुरक्षित बनाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।
उद्घाटन सत्र के बाद प्रतिभागियों का पंजीकरण सम्पन्न हुआ। इसके उपरांत प्रशिक्षण की रूपरेखा, उद्देश्यों एवं विभिन्न सत्रों की विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को दी गई। प्रथम दिवस के तकनीकी सत्रों में संदर्भदाताओं ने सुरक्षा एवं संरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक एवं सहभागितापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया, जिसमें शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने अनुभव भी साझा किए।
पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन एवं समन्वयन की जिम्मेदारी प्रशिक्षण नोडल डॉ. आराधना गोस्वामी एवं प्रवक्ता श्री संजय कुमार ने संभाली। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसी व्यवहारिक जानकारी एवं कौशल प्रदान करना है, जिससे विद्यालयों में प्रत्येक विद्यार्थी के लिए सुरक्षित, भयमुक्त और प्रेरणादायी शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के पेशेवर विकास के साथ-साथ विद्यालयों में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।