संतकबीरनगर। कहते हैं कि यदि इरादे मजबूत हों तो अभाव भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है जनपद के हैसर बाजार की होनहार बेटी सेजल अग्रहरि ने। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (दारोगा) भर्ती परीक्षा में पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर सेजल ने न सिर्फ अपने माता-पिता का सपना पूरा किया, बल्कि पूरे जिले का नाम भी रोशन कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है।
सेजल के पिता दिनेश चंद्र अग्रहरि दिल्ली की एक कपड़ा फैक्ट्री में नौकरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता सरोज देवी गांव में किराना की छोटी-सी दुकान चलाकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में हाथ बंटाती हैं। वर्षों के संघर्ष और त्याग का फल उस समय मिला, जब बेटी के चयन की खबर घर पहुंची। खुशियों से भावुक मां की आंखें नम हो गईं और पूरे गांव में मिठाई बांटकर इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाया गया।
शिक्षा के प्रति समर्पित सेजल ने कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई हैसर बाजार के एक निजी विद्यालय से की। इसके बाद हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट श्रीमती शंकरदेई बालिका इंटर कॉलेज, धनघटा से उत्तीर्ण किया तथा स्नातक की शिक्षा अंबेडकरनगर से पूरी की। स्नातक के बाद उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक पद पर चयनित होकर अपनी मेहनत का शानदार परिणाम हासिल किया।
सेजल का सपना यहीं समाप्त नहीं होता। उन्होंने अपना अगला लक्ष्य पीसीएस अधिकारी बनकर समाज और देश की सेवा करना बताया। उनका मानना है कि सफलता किसी की परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती, बल्कि निरंतर मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास का परिणाम होती है।
सेजल अग्रहरि की यह उपलब्धि आज उन हजारों युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिश्रम, परिवार का सहयोग और मजबूत संकल्प किसी भी मंजिल को हासिल करने की सबसे बड़ी ताकत हैं।
— रिपोर्ट: इकबाल अहमद अलीग