हस्तिनापुर (मेरठ)। ग्राम पंचायत दूधली खादर के चेतावाला गांव के 56 परिवारों ने सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवाने और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर राजकीय पशुधन एवं प्रक्षेत्र, हरितानपुर के प्रबंधक को प्रार्थना पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी भूमि पर किए गए कब्जे को हटाने की कार्रवाई बीच में ही रुकवा दी गई, जिसके बाद कब्जाधारियों ने विरोध करने वाले परिवारों पर हमला कर जान से मारने की धमकी दी।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, गांव के घरों के सामने स्थित खाली सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। शिकायत के बाद उपजिलाधिकारी मवाना संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर 30 जून 2026 को नायब तहसीलदार सचिन चौधरी की मौजूदगी में बुलडोजर के माध्यम से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने सरकारी कार्रवाई में बाधा डालते हुए अभियान रुकवा दिया, जिससे कब्जा पूरी तरह नहीं हटाया जा सका।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने उसी समय प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि कब्जा पूरी तरह नहीं हटाया गया तो विवाद बढ़ सकता है। उनका आरोप है कि उसी शाम कब्जा करने वाले पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे कई लोगों को चोटें आईं। इतना ही नहीं, आरोपितों ने घर में घुसकर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के दौरान ग्रामीणों ने डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस को बुलाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ, लेकिन पुलिस के लौटते ही दोबारा धमकियां देने का आरोप लगाया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा धमकी और हमला करने के आरोपितों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में शांति एवं सुरक्षा का माहौल कायम रह सके।