एटा जिले के जैथरा थाना क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर ठगों ने कथित तौर पर बैंक कर्मियों की मिलीभगत से बुजुर्ग के बचत खाते से 95 बार में करीब 4.49 लाख रुपये ऑनलाइन निकाल लिए।

इस दौरान खाते में दर्ज नॉमिनी और मोबाइल नंबर भी बदल दिए गए। पीड़ित ने बुधवार को जैथरा थाने में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।



जैथरा निवासी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी चैतन्य प्रकाश पालीवाल पुत्र कृष्ण गोपाल पालीवाल का SBI जैथरा शाखा में बचत खाता है। इस खाते में उनकी मासिक पेंशन आती है। उनकी पत्नी श्रीमती सर्वेश पालीवाल खाते में नॉमिनी के रूप में दर्ज हैं।

पीड़ित के अनुसार, 5 जून 2026 को उनके खाते में 12.73 लाख रुपये जमा थे। जब वे 3 जुलाई को पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचे, तो उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। 5 जून से 3 जुलाई के बीच 95 बार में कुल 4,49,128 रुपये अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर ऑनलाइन ट्रांसफर किए जा चुके थे।

स्टेटमेंट निकलवाने पर पालीवाल को दूसरा झटका लगा। स्टेटमेंट में खुलासा हुआ कि अज्ञात लोगों ने बैंक कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से खाते में दर्ज नॉमिनी, उनकी पत्नी सर्वेश पालीवाल के स्थान पर 'मोहम्मद फुरकान' का नाम फर्जी तरीके से दर्ज कर दिया था। पीड़ित का कहना है कि वे इस व्यक्ति को बिल्कुल नहीं जानते।

चैतन्य प्रकाश पालीवाल ने बताया कि वे कभी भी फोनपे जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग नहीं करते। इसके बावजूद उनके मोबाइल नंबर को बदलकर फर्जी लेनदेन किए गए। जानकारी मिलने के तुरंत बाद उन्होंने बैंक में प्रार्थना पत्र देकर अपना सही मोबाइल नंबर और नॉमिनी का नाम दोबारा दर्ज कराया।

इस संबंध में SBI जैथरा शाखा प्रबंधक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

थाना प्रभारी सुनील कुमार बर्मा जैथरा का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। बैंक रिकॉर्ड और साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बैंक के अंदरूनी लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है