जनप्रतिनिधि 40 मिनट देर से पहुंचे, कई अध्यक्षों की जगह प्रतिनिधि बैठे
कांग्रेस की ओर से कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा आलोट
वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का रोडमैप तैयार करने के लिए शनिवार को अंबेडकर भवन में आयोजित विजन-2047 बैठक में भविष्य के आलोट की तस्वीर पर मंथन हुआ। मंच पर वर्ष 2047 के विकास की योजनाएं तैयार करने की बात हो रही थी, वहीं बैठक के बाहर लोगों के बीच चर्चा वर्तमान की उन समस्याओं की भी रही, जिनसे क्षेत्र आज भी जूझ रहा है।
दोपहर 12 बजे निर्धारित बैठक में उपखंड के सभी विभागों के अधिकारी समय पर अपनी सीटों पर पहुंच गए, लेकिन अधिकांश जनप्रतिनिधि करीब 40 मिनट बाद पहुंचे। कई स्थानीय निकायों के निर्वाचित अध्यक्षों के स्थान पर उनके प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए, जबकि कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि बैठक में नजर नहीं आया।
बैठक में विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय, एसडीएम विवेक सोनकर तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर विचार-विमर्श हुआ। सांसद अनिल फिरोजिया की ओर से सांसद प्रतिनिधि नंदन जैन ने भी सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, उद्योग, पेयजल, सड़क, सिंचाई, परिवहन, डिजिटल सेवाओं और आधारभूत अधोसंरचना सहित विभिन्न क्षेत्रों का वर्ष 2047 तक का विजन तैयार करने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को विभागवार आवश्यकताओं का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें समृद्ध मध्यप्रदेश-2047 के विजन दस्तावेज में शामिल किया जा सके।
भविष्य की योजनाएं, वर्तमान की चुनौतियां,,,
बैठक में वर्ष 2047 की जरूरतों के अनुरूप अस्पताल, स्कूल, सड़क, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया, लेकिन क्षेत्र में आज भी कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, स्वास्थ्य संस्थानों में संसाधनों का अभाव, रोजगार के सीमित अवसर, यातायात की समस्याएं और अधूरी अधोसंरचना जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। ऐसे में लोगों की अपेक्षा है कि विजन दस्तावेज केवल भविष्य का सपना न बने, बल्कि वर्तमान समस्याओं के समाधान का भी मजबूत आधार तैयार करे।
अब नजर अमल पर,,
विजन-2047 बैठक में सुझावों की कमी नहीं रही। विभागों ने अपनी प्राथमिकताएं रखीं और जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी बात कही। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन सुझावों में से कितने प्रस्ताव धरातल तक पहुंचते हैं और कितनी योजनाएं कागजों से निकलकर वास्तव में जनता के जीवन में बदलाव ला पाती हैं यह देखने वाली बात होगी वही नगर ओर क्षेत्र के विकास के लिए हो रही इस बैठक में क्षेत्र की दो नगर परिषद के अध्यक्ष ही नदारद दिखाई दिए। आलोट नगर परिषद अध्यक्ष ममता विमल जैन ओर ताल नगर परिषद अध्यक्ष मुकेश परमार इस बैठक में नहीं पहुंचे ममता जैन ने बताया कि हमारे पास बैठक की सूचना ही नहीं मिली जिसके कारण बैठक में उपस्थित नहीं हो सके इसी तरह कांग्रेस की ओर से किसी भी जनप्रतिनिधि के नहीं पहुंचने से बैठक में एक तरफा निर्णय होने की चर्चा आम हुई हे क्षेत्रीय विधायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में उनके मंडल अध्यक्ष भी नदारद दिखाई दिए