मिलक/रामपुर। दरगाह हज़रत सूफी लियाकत हुसैन शाह उर्फ मुन्ने मियां के 19वें सालाना उर्स का दूसरे दिन
सुबह 11 बजे खानकाहे हसनी, अज़ीज़ी, लियाकती के सज्जादानशीन हज़रत सूफी जावेद हुसैन शाह की सरपरस्ती में कुल शरीफ का आगाज़ हुआ। उलमाओं ने नातिया कलाम पेश किया। कुल शरीफ के दौरान मुल्क में अमन-चैन के लिए दुआ की गई, जिसमें हज़ारों अकीदतमंदों ने एक साथ हाथ उठाए। कुल शरीफ के बाद महफ़िल-ए-रंगो समा का आयोजन हुआ, जिसमें जायरीन झूम-झूम कर शामिल हुए।
बाद नमाज़-ए-असर के बाद जश्न-ए-चरागा शुरू हुआ शाम होते-होते पूरा दरगाह परिसर दीयों की रोशनी से जगमग हो उठा। दरगाह शरीफ पर अकीदतमंदों की भारी भीड़ रही। लोगों ने चराग जलाकर अपनी-अपनी मन्नतें मांगी।बाद नमाज़-ए-ईशा महफ़िल-ए-मुशायरा हुई इसमें बाहर से आए उलमा और शायरों ने अपना कलाम पेश कर समां बांध दिया।
19 जुलाई को उर्स के आखिरी दिन 10 बजे दिन संदल शरीफ का जुलूस निकाला जाएगा। गुस्ल शरीफ के बाद तीन दिवसीय उर्स का समापन होगा।
सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा और जायरीनों के लिए पेयजल व अन्य इंतजाम किए गए थे।