नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के राजौरी ज़िले में लगातार हो रही भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के बीच भारतीय सेना ने साहस, त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय का परिचय देते हुए दो अलग-अलग राहत एवं बचाव अभियान सफलतापूर्वक संचालित किए।

व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF और सिविल प्रशासन के साथ मिलकर 11 लोगों की जान बचाई, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं। पहले अभियान में थन्नामंडी के दक्षिण में चुरुंग गांव के पास उफनते नाले में फंसे नौ लोगों, जिनमें पांच बच्चे थे, को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

 

वहीं, दूसरे अभियान में इंजीनियर रेजिमेंट के जवानों ने नौशेरा तवी नदी में बने एक टापू पर फंसे दो युवकों को तेज़ जलधारा के बीच सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिजनों को सौंप दिया। दोनों अभियानों के दौरान सेना, पुलिस, SDRF और सिविल प्रशासन के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला और बिना किसी जनहानि के सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय सेना ने एक बार फिर साबित किया कि प्राकृतिक आपदा और संकट की हर घड़ी में वह देशवासियों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ डटी रहती है।