उत्तर प्रदेश में पंचायतों का पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त होने के बाद योगी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने प्रदेश के सभी 826 ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पहले ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों को भी प्रशासक बनाया जा चुका है।
प्रशासक के रूप में ब्लॉक प्रमुख केवल नियमित और आवश्यक प्रशासनिक कार्यों का संचालन कर सकेंगे। उन्हें किसी भी बड़े नीतिगत फैसले का अधिकार नहीं होगा। ऐसे मामलों के प्रस्ताव जिलाधिकारी (डीएम) के माध्यम से शासन को भेजे जाएंगे और अंतिम निर्णय राज्य सरकार ही लेगी।
सरकार जल्द ही ब्लॉक प्रमुखों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगी। इस फैसले से नए पंचायत चुनाव होने तक विकास कार्यों और पंचायतों के प्रशासनिक कामकाज को बिना किसी रुकावट जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है।