नई दिल्ली: देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। लगातार हो रही बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं कई राज्यों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी गंभीर समस्याएं भी पैदा कर दी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 26 जुलाई तक मानसून की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा में 23 जुलाई तक बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान जताया है। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भारी वर्षा को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा

IMD के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 22 जुलाई तक, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 21 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

असम में बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किलें

असम में लगातार बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। शिवसागर जिले में डिकहो नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे सिमलुगुड़ी क्षेत्र के कई इलाकों में जलभराव हो गया है। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण सिमलुगुड़ी-नामतियाली और सिमलुगुड़ी-सेलेंघाट रेल मार्गों पर ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

1.70 लाख लोग बाढ़ की चपेट में

राज्य सरकार के अनुसार, असम के 30 राजस्व सर्किलों के 580 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 1.70 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। धेमाजी, डिब्रूगढ़, शिवसागर, जोरहाट और तिनसुकिया समेत कई जिलों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

सेना और वायुसेना को किया गया अलर्ट

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना और वायुसेना को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। वहीं, गुवाहाटी के कई हिस्सों में भी जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

IMD की लोगों से अपील

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा पहाड़ी इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने भी नागरिकों से स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का अनुसरण करने को कहा है।