उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मेरठ में सोमवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने की। इसमें मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ और मुरादाबाद मंडलों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अधिकारी भी ऑनलाइन तथा प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए।
बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि कांवड़ यात्रा को सकुशल और शांतिपूर्ण संपन्न कराना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को "शून्य दुर्घटना, शून्य घटना" के लक्ष्य के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, स्वच्छता, पर्याप्त चिकित्सा शिविर, बाइक एंबुलेंस की तैनाती तथा अस्पतालों में पर्याप्त बेड आरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने विद्युत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग, आवश्यकता अनुसार यातायात डायवर्जन, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। समीक्षा बैठक से पहले मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मेरठ स्थित बाबा औघड़नाथ मंदिर में जलाभिषेक कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौती से सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि आपराधिक और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा सोशल मीडिया पर अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
डीजीपी ने यह भी निर्देश दिए कि डीजे का संचालन उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित मानकों और ध्वनि सीमा के अनुरूप ही कराया जाए। साथ ही पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने पर विशेष बल दिया।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर, मंडलायुक्त भानू चन्द्र गोस्वामी, जिलाधिकारी मेरठ डॉ. वीके सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे सहित विभिन्न मंडलों और पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।