भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक को बहुमत से पारित कर दिया। मानसून सत्र के दूसरे दिन इस विधेयक को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस ने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया।विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक सदन के बीच में आकर नारेबाजी करने लगे, जिससे विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, हंगामे के बीच सरकार ने अपने बहुमत के दम पर यूसीसी विधेयक को पारित करा लिया।अब यह विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति और राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी।
यूसीसी विधेयक के प्रमुख प्रावधान
- प्रदेश में एक से अधिक विवाह (बहुविवाह) को मान्यता नहीं होगी।
- तलाक की प्रक्रिया कानून के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार होगी।
- महिला और पुरुष को संपत्ति में समान उत्तराधिकार का अधिकार मिलेगा।
- लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए एक महीने के भीतर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
- विवाह पंजीकरण की व्यवस्था ग्रामीण स्तर तक लागू की जाएगी।
- आदिवासी समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है।
यूसीसी विधेयक के पारित होने के साथ ही मध्यप्रदेश इस कानून को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ गया है। अब सभी की नजरें राज्यपाल की मंजूरी और इसके औपचारिक लागू होने पर टिकी हैं।