हस्तिनापुर (मेरठ)। गंगा नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर अब हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के किसानों के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है। भीकुंड और आसपास के खादर इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिससे किसानों की खड़ी फसलों पर संकट गहरा गया है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो धान, बाजरा, मक्का, गन्ना सहित अन्य फसलें पानी में डूब सकती हैं।


मंगलवार शाम 4 बजे प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भीमगौड़ा बैराज का गेज 292.70 तथा डिस्चार्ज 1,19,696 क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि बिजनौर बैराज का गेज 218.70 और डिस्चार्ज 1,07,498 क्यूसेक रहा। बढ़ते डिस्चार्ज के चलते खादर क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
भीकुंड क्षेत्र के किसानों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ आने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। खेतों में पानी भरने से तैयार फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं, जिससे लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों का आरोप है कि वर्षों से इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण हर मानसून में उन्हें इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
किसान राजू, काले, नेपाल, जगतपाल, बिरजू, कन्हैया, कृष्णपाल और सुरेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि खादर क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए मजबूत तटबंध बनाए जाएं और स्थायी बाढ़ नियंत्रण योजना लागू की जाए। साथ ही संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन पहले से ही राहत एवं बचाव की तैयारियां सुनिश्चित करे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इस बार भी हजारों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो सकती है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। किसानों ने प्रभावित परिवारों के लिए समय पर राहत और उचित मुआवजा देने की भी मांग की है।