डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने एडीएम जंगबहादुर को सौंपी जिम्मेदारी, बोले—दोषी पाए जाने पर होगी सख्त विभागीय कार्रवाई

रामपुर। तहसील मिलक के ग्राम अताई नगर निवासी शीला पत्नी स्वर्गीय हरिराम को राजस्व अभिलेखों में कथित रूप से मृत दर्शाकर उनकी भूमि दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज किए जाने का मामला अब जिला प्रशासन के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने इसकी जांच अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जंग बहादुर को सौंप दी है।
शिकायतकर्ता शीला का आरोप है कि उन्हें जीवित होने के बावजूद राजस्व अभिलेखों में मृत दर्शाकर उनकी भूमि का नामांतरण कर दिया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल सहित जिला एवं तहसील स्तर के अधिकारियों से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
अपर जिलाधिकारी जंग बहादुर ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि किसी राजस्व अधिकारी या कर्मचारी ने जीवित महिला को मृत दर्शाकर भूमि का नामांतरण किया है, तो दोषी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अभिलेखों में इस प्रकार की गंभीर अनियमितता हुई है तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि राजस्व विभाग की पारदर्शिता और जनता का विश्वास कायम रह सके।
अब पूरे जिले की निगाहें एडीएम की जांच पर टिकी हैं। जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उसके विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है। यह मामला न केवल एक विधवा महिला के अधिकारों से जुड़ा है, बल्कि राजस्व अभिलेखों की विश्वसनीयता और प्रशासनिक जवाबदेही की भी बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।