बहसूमा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर डी मोनफोर अकादमी में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए 'गुरु पूर्णिमा' विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास और तार्किक क्षमता का परिचय देते हुए गुरु के महत्व पर प्रभावशाली विचार रखे।
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, प्रभावशाली अभिव्यक्ति और भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व के प्रति जागरूकता विकसित करना था। प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में अपने विचार रखते हुए शिक्षा के महत्व तथा जीवन में गुरु के अमूल्य योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल ने विषय-वस्तु, भाषा-शैली, आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा भी प्रदान करते हैं। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयां देती हैं। विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है और विद्यार्थियों को सदैव अपने गुरुजनों का सम्मान करते हुए उनके आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए।
विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की तार्किक सोच, संप्रेषण कौशल और निर्णय क्षमता को सशक्त बनाती हैं। उप-प्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया तथा भविष्य में भी उन्हें इसी उत्साह �