बिना मान्यता के फीस वसूली और प्रैक्टिकल से रोकने का आरोप, डीएम को सौंपा ज्ञापन
हापुड़ में मोनाड यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में है। डी-फार्मा के छात्रों ने यूनिवर्सिटी पर बिना वैध मान्यता के कोर्स संचालित करने, जबरन फीस वसूलने और प्रैक्टिकल परीक्षा से रोकने का आरोप लगाया है। छात्रों ने समाजवादी छात्रसभा के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
तहसील समाधान दिवस में समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव के नेतृत्व में डी-फार्मा द्वितीय वर्ष के दर्जनों छात्र जिलाधिकारी से मिले। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने प्रथम वर्ष की फीस लेने के बाद अब द्वितीय वर्ष की फीस जमा कराने का दबाव बनाया। जब छात्रों ने कोर्स की वैध मान्यता से जुड़े दस्तावेज मांगे तो उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। छात्रों का दावा है कि बिना मान्यता के कोर्स संचालित किया जा रहा है और फीस न देने वाले छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा है। साथ ही विरोध करने पर पुलिस कार्रवाई और भविष्य खराब करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया।
समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, यदि आरोप सही पाए जाएं तो छात्रों की फीस वापस दिलाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।