_अमरेली के कॉलेज ऑफ नेचुरल फार्मिंग में मोटा भंडारिया के छात्रों ने प्राकृतिक खेती की विधियों का प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्त किया_
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_कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के सातवें सेमेस्टर के 65 छात्रों का शैक्षणिक दौरा_
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अमरेली, ता. 2 नवंबर, 2026 - गुजरात नेचुरल फार्मिंग साइंस यूनिवर्सिटी, हालोल के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. के. टिम्बडिया के मार्गदर्शन में तथा कॉलेज ऑफ नेचुरल फार्मिंग, अमरेली के प्राचार्य डॉ. एस. पी. देशमुख के नेतृत्व में कॉलेज ऑफ नेचुरल फार्मिंग, अमरेली में कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, मोटा भंडारिया के सातवें सेमेस्टर के 65 से अधिक छात्रों ने रूरल एग्रीकल्चरल वर्क एक्सपीरियंस (RAWE) कार्यक्रम के तहत शैक्षणिक दौरा किया।

इस अवसर पर कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. के. के. बिजारणिया, कृषि अधिकारी श्री एच.वी. वलिया और कृषि सहायक श्री एस.ए. बारड उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि अधिकारी श्री एच. वी. वलिया ने छात्रों को वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती की आवश्यकता और उसके महत्व के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने प्राकृतिक खेती के पांच मुख्य आधार स्तंभ - बीजामृत, जीवामृत, आच्छादन (मल्चिंग), वाफसा और मिश्रित फसल पद्धति के बारे में विस्तार से समझाया।

उसके बाद कृषि सहायक श्री एस.ए. बारड ने देशी गाय आधारित प्राकृतिक खेती की विधियों तथा प्राकृतिक खेती से उत्पादित कृषि उपज के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में छात्रों को जानकारी दी।

शैक्षणिक दौरे के तहत छात्रों को कॉलेज के प्रदर्शन प्लॉट का दौरा कराया गया। यहाँ मिश्रित फसल पद्धति के विभिन्न मॉडलों का प्रदर्शन कर फसल के चयन, अंतर-फसल पद्धति तथा उसके कृषि और पर्यावरणीय महत्व के बारे में समझाया गया। इसके अलावा सौराष्ट्र क्षेत्र में नवीन मानी जाने वाली धान की खेती के प्रदर्शन प्लॉट के दौरे के दौरान धान की खेती की विधियों के बारे में भी छात्रों को मार्गदर्शन दिया गया।

इस शैक्षणिक दौरे के माध्यम से छात्रों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न विधियों, देशी गाय आधारित खेती, मिश्रित फसल पद्धति तथा प्रायोगिक तौर पर लागू किए गए खेती के नमूनों के बारे में प्रत्यक्ष और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।