लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस की सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग के वेतन आयोग अनुभाग-1 की ओर से अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के स्तर से यह आदेश जारी हुआ।

किन्हें मिलेगा लाभ

आदेश के तहत पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों को बोनस दिया जाएगा। इसके दायरे में सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और राजकीय विभागों के कार्यभारित कर्मचारी भी शामिल हैं। वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (47,600 से 151,100 रुपये) तक के पदों पर तैनात अराजपत्रित कर्मचारी इसके पात्र होंगे।

कितनी होगी राशि

बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। इस आधार पर पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये का बोनस मिलेगा। सरकार ने संबंधित विभागों, विश्वविद्यालयों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों को आदेश के अनुपालन में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पात्रता की शर्तें

शासनादेश के अनुसार बोनस उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने 31 मार्च 2024 तक एक वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली थी।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए अलग मानक तय किए गए हैं:

  • छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में 31 मार्च 2024 तक लगातार तीन वर्ष कार्य करने और हर वर्ष कम से कम 240 दिन काम करने वाले कर्मचारी पात्र होंगे।
  • पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में हर वर्ष 206 दिन कार्य करना अनिवार्य है।
  • इनके लिए अधिकतम मासिक परिलब्धि 1,200 रुपये मानी जाएगी, जिसके आधार पर अधिकतम 1,184 रुपये बोनस मिलेगा।

75 फीसदी हिस्सा पीएफ में

आदेश के मुताबिक अनुमन्य बोनस का 75 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी के भविष्य निधि (पीएफ) खाते में जमा होगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत नकद दिया जाएगा। पीएफ के सदस्य न होने की स्थिति में राशि एनएससी या पीपीएफ के माध्यम से दी जाएगी। वहीं, निर्धारित सेवानिवृत्ति संबंधी शर्तों के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को पूरी राशि नकद दिए जाने का प्रावधान है।

इन्हें नहीं मिलेगा बोनस

वर्ष 2025-26 में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दंडित कर्मचारी बोनस के हकदार नहीं होंगे। जिन कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई या मुकदमा लंबित है, उनका बोनस अंतिम निर्णय आने तक रोका जाएगा। दोषमुक्त होने की स्थिति में उन्हें लंबित बोनस का भुगतान किया जाएगा।