लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ के जीपीओ स्थित पटेल पार्क में 'लौह पुरुष' और 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जो लोग जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे कभी सरदार पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते। मुख्यमंत्री के अनुसार, पटेल का सच्चा अनुयायी वही है जिसके मन में राष्ट्रवाद का भाव हो और जो भारत की एकता, सुरक्षा व संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो।
मुख्यमंत्री ने पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई।
हर जनपद में बनेगा 'एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन'
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 2014 के बाद से पूरा देश 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मना रहा है। इस वर्ष पटेल की 151वीं जयंती विशेष है, क्योंकि 'डबल इंजन' की सरकार उनके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हर जनपद में एक 'एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन' गठित करने जा रही है। इसका शुभारंभ आज ही हो रहा है। मुख्यमंत्री का दावा है कि इससे प्रदेश का कोई भी युवा बेरोज़गार नहीं रहेगा और उनकी स्किलिंग व रोज़गार की व्यवस्थित व्यवस्था होगी।
"विराट प्रतिमा, विराट व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व"
पटेल के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जन्म गुजरात के करमसद (नडियाद) नामक छोटे से गांव में हुआ था। आज प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के केवड़िया में सरदार सरोवर के तट पर दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के रूप में उनकी स्मृतियों को जीवंत कर रहे हैं। यह प्रतिमा उस विराट व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करती है, जिसने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का अभिन्न हिस्सा बनाया।
जूनागढ़, हैदराबाद और कश्मीर का ज़िक्र
मुख्यमंत्री ने आज़ादी के समय जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों की आनाकानी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब पटेल ने सख़्त चेतावनी दी कि बातों से नहीं मानोगे तो दूसरा तरीका भी अपनाना आता है, तो जूनागढ़ का नवाब अपने बच्चों तक को छोड़कर पाकिस्तान भाग गया। उनके मुताबिक, हैदराबाद के निज़ाम को भी लौह पुरुष की चेतावनी के बाद भागने पर मजबूर होना पड़ा।
कश्मीर के मुद्दे पर योगी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू ने कश्मीर का मामला अपने पास रखा, जिसके नतीजे में कबाइली हमले के बाद पाक अधिकृत कश्मीर आज भी पाकिस्तान के कब्ज़े में है और वहां हिंदुओं व सिखों का व्यापक कत्लेआम हुआ।
अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस को घेरा
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के कड़े विरोध के बावजूद नेहरू ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने इसे हमेशा के लिए समाप्त कर दिया और कश्मीर को लखनऊ व उत्तर प्रदेश की तरह भारत का पूर्ण हिस्सा बना दिया। योगी के शब्दों में, अब देश में दो कानून नहीं चलेंगे, बल्कि "एक प्रधान, एक विधान और एक निशान" ही चलेगा, और यही सरदार पटेल व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का भारत है।
"जाति-क्षेत्र के नाम पर बंटने से कमज़ोर होती है प्रतिरोधक क्षमता"
राष्ट्रीय एकता को मिल रही चुनौतियों पर आगाह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर बंटता है, तो उसकी स्टैमिना और प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है, ठीक वैसे ही जैसे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता घटने पर बीमारियां घेर लेती हैं। उन्होंने कहा कि यही कमज़ोरियां आक्रांताओं को हमले के लिए आमंत्रित करती हैं।
उन्होंने आह्वान किया कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने और देश की एकता-अखंडता को चुनौती देने वाले प्रयासों का मिलकर मुकाबला करना ही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।