नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) और कथित 'वोट चोरी' के आरोपों के बीच इंडिया ब्लॉक ने शनिवार, 31 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुए इस कार्यक्रम में गठबंधन के कई नेता शामिल हुए। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
महाभियोग प्रस्ताव लाएगा गठबंधन
कार्यक्रम में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मीरा कुमार ने कहा कि गठबंधन ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए इंडिया ब्लॉक बैठक बुलाएगा और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे प्रस्ताव पेश करेंगे।
मीरा कुमार ने कहा, "हमारी डेमोक्रेसी इलेक्शन की पावर से चलती है, और इस इलेक्टोरल पावर के दिल में वोटर की आत्मा होती है। अगर एक भी वोटर को वोट डालने के अधिकार से मना किया जाता है, तो यह हमारी डेमोक्रेसी की आत्मा पर चोट करता है।" उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर के देश भारत के लोकतंत्र मॉडल की ओर देखते हैं।
खड़गे का आरोप: PM और गृह मंत्री के कहने पर चल रहा आयोग
खड़गे ने आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार सीधे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के कहने पर आयोग चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सात महीने पहले 193 विपक्षी सांसदों ने CEC को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नोटिस दिया था, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया और उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
खड़गे ने कहा, "आज हम जो मोशन लाए हैं, उसका मकसद एक कॉन्स्टिट्यूशनल इंस्टीट्यूशन की इज्ज़त को बचाना है। हमें CEC से कोई पर्सनल दुश्मनी नहीं है।" उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि चुनाव आयोग बिना भेदभाव के संविधान की भावना के अनुरूप काम करे, ताकि आम आदमी का उस पर भरोसा बना रहे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि कमजोर तबके, महिलाओं और युवाओं के वोटिंग अधिकार को दिल्ली में बैठा कोई चुपके से कंप्यूटर से डिलीट न कर दे।
"2014 से सत्ता के लिए हर साजिश"
भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि 2014 से सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने के लिए हर मुमकिन साजिश रची गई है। उन्होंने कहा, "उन्होंने MPs चुराए हैं, पॉलिटिकल पार्टियों को तोड़ा है, सरकारें गिराई हैं, और इलेक्टोरल बॉन्ड, ED और CBI का इस्तेमाल किया है, और अब वे वोट चुरा रहे हैं।" उन्होंने दावा किया कि उनके पास वोट चोरी के सैकड़ों उदाहरण हैं।
2023 के कानून पर सवाल
खड़गे ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार 2023 के मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम की वजह से कथित चोरी को आसान बना पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विधेयक दिसंबर 2023 में 145 विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद पारित हुआ था, जिसे उन्होंने "शर्मनाक" बताया। खड़गे के अनुसार, यह कानून चुनाव आयुक्तों को आजीवन सुरक्षा कवच देता है, जो राष्ट्रपति या भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी नहीं मिलता।